26 अगस्त 2027
जन्माष्टमी
कान्हा के लिए आधी रात की आरती, और सातम-आठम के पूरे हफ़्ते की मिठाई.
जामनगर से द्वारका ज़्यादा दूर नहीं, और यहाँ जन्माष्टमी सिर्फ़ एक दिन की नहीं होती — मेले, उपवास और आधी रात को कृष्ण जन्म के साथ पूरा सातम-आठम का त्योहार. हमारी मिठाइयाँ इस पूरे समय प्रसाद की थाली और डिब्बे में साथ निभाने के लिए बनती हैं.
जन्माष्टमी के लिए मिठाइयाँ
सौराष्ट्र की सातम-आठम
सौराष्ट्र में जन्माष्टमी के साथ पूरा हफ़्ता त्योहार का होता है. रांधण छठ पर रसोई में ख़ूब पकवान बनते हैं, क्योंकि शीतला सातम को चूल्हा ठंडा रहता है और पिछले दिन का बना खाना ही खाया जाता है. फिर आती है आठम — कृष्ण जन्म — हर कस्बे में लोकमेले, और जामनगर से कुछ ही दूर द्वारका में देश भर से श्रद्धालु उमड़ते हैं.
आधी रात का उत्सव
कई भक्त दिन भर उपवास रखते हैं. आधी रात को पालना झूलता है, "नंद घर आनंद भयो" के साथ आरती गूँजती है, और कान्हा को पंजीरी, माखन-मिश्री, पंचामृत और फल का भोग लगता है. सुबह मटकी फोड़ और फिर पारणा.
DeshÉ की मिठाइयाँ
- खजूर पाक — खजूर और सूखे मेवों के टुकड़े, ऊपर से चीनी नहीं और गेहूँ का आटा नहीं; कई परिवार इसे प्रसाद की थाली में रखते हैं.
- नानखटाई — एक-दो दिन पहले बनती है और डिब्बे में अच्छी रहती है, इसलिए शीतला सातम के लिए, जब कुछ पकाया नहीं जाता, बड़े काम की. इसमें गेहूँ का आटा है, इसलिए फलाहारी नहीं है.
- मसाला पाक — अगस्त में मौसम के हिसाब से कम खाया जाता है, पर कई घरों में प्रसाद में पाक का एक टुकड़ा ज़रूर होता है.
तोहफ़े के लिए
मेलों के दौरान रिश्तेदारों के घर जाते हुए खजूर पाक का डिब्बा, या सातम का डिब्बा भरने के लिए नानखटाई. रांधण छठ से लगभग एक हफ़्ता पहले इन्क्वायरी करें.
खजूर पाक खजूर और सूखे मेवों से, बिना गेहूँ के आटे के बनता है, और कई परिवार इसे उपवास में लेते हैं. नानखटाई में गेहूँ का आटा है, इसलिए फलाहारी नहीं है. अपनी परंपरा के हिसाब से हर चीज़ की सामग्री देख लें.